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जानकीपुरम में खुली चुनौती घर के अंदर अवैध गांजा बिक्री, पुलिस बेखबर! रफी फर्नीचर के पास नशे का अड्डा, महिला चला रही अवैध कारोबार, इलाके में दहशत


मिनी नशा मंडी बना जानकीपुरम, गश्त के बाद फिर शुरू हो जाती है पुड़िया बिक्री


केपीपीएन संवाददाता।

लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही का ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा व्यवस्था के सरकारी दावों की हवा निकाल दी है। रफी फर्नीचर और मयंक ट्रेडर्स के बीच बने एक मकान में खुलेआम चल रहे अवैध गांजे के धंधे ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। यह सब कुछ उस बेखौफ अंदाज में हो रहा है कि मानो कानून किसी दूसरे देश की चीज हो।


स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह गोरखधंधा 200 रुपये की पुड़िया में गांजा बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह इलाका मिनी नशा मंडी के नाम से बदनाम होने लगा है। हैरानी की बात यह है कि पूरा कारोबार एक महिला द्वारा संचालित किया जा रहा है, और वह भी इतनी निर्भीकता से जैसे उसे पुलिस का कोई डर ही न हो।


गांववालों का कहना है कि दिन भर घर का दरवाजा आधा खुला रहता है और संदिग्ध ग्राहक एक लाइन में आते-जाते दिखाई देते हैं। कई लोग तो तंज कसते हुए कहते हैं कि यह मेडिकल स्टोर भी होता तो इतना बिजनेस नहीं चलता।


सूत्र बताते हैं कि थाना जानकीपुरम के मड़ियाव गांव के सरिया टोला में भी इसी तरह अवैध गांजे की खुलेआम बिक्री हो रही है। लोगों का कहना है कि यह सब अचानक नहीं शुरू हुआ, यह नेटवर्क धीरे-धीरे फैल रहा है और अब इनके हौसले आसमान छू रहे हैं।


स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि जब कभी गश्ती वाहन गलती से इस इलाके तक पहुंच जाता है तो कुछ मिनटों के लिए दुकानदारी पॉज हो जाती है। जैसे ही पुलिस आगे बढ़ती है, अंदर से फिर वही खटपट शुरू। लोग कहते हैं कि मानो किसी ने प्ले बटन दोबारा दबा दिया हो।


इसी वजह से इलाके में नशेड़ियों का जमघट बढ़ गया है। रात होते ही सड़क किनारे ऊंची आवाज में गाली-गलौज, आपसी झगड़े और कई बार तो हाथापाई तक की नौबत आ जाती है। महिलाओं और बच्चों के लिए माहौल इतना असुरक्षित हो गया है कि लोग शाम ढलने के बाद बाहर निकलना भी खतरा समझते हैं।


कई नागरिकों का आरोप है कि यदि यह सब इतने लंबे समय से चल रहा है और पुलिस की नजर में नहीं आया, तो सवाल उठते हैं कि क्या पुलिस वास्तव में अनजान है, या फिर अनदेखा करने के पीछे कोई कारण है।


लोग कहते हैं कि जानकीपुरम के कई हिस्सों में नशे का जाल तेजी से फैल रहा है और यह मकान तो अब हॉटस्पॉट बन गया है। निवासियों का डर है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो यह पूरा इलाका अपराध और नशाखोरी का गढ़ बन सकता है, जिसका असर आने वाली पीढ़ियां भी झेलेंगी।


इसी बीच, बढ़ते आक्रोश को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि उच्चस्तरीय छापेमारी कर इस नशा तंत्र का पर्दाफाश किया जाए और यह पता लगाया जाए कि इस अवैध कारोबार को आखिर किसका संरक्षण मिल रहा है। लोगों का साफ कहना है कि अगर इस महिला और उसके सपोर्ट सिस्टम पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का पुलिस पर से भरोसा उठ जाएगा।

 
 
 

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